26 जनवरी से प्रारंभ होगा बालाजी मंदिर का रजत जयंती महोत्सव
सात दिनों तक चलेंगे धार्मिक अनुष्ठान, 1 फरवरी को होगा महा भंडारा
जगदलपुर। भव्यता और वास्तुकला की दृष्टि से छत्तीसगढ़ के पर्यटन नक्शे में अपनी अलग पहचान स्थापित कर चुके शहर के बालाजी मंदिर का 25 वां वार्षिकोत्सव मनाया जा रहा है। मंदिर का रजत जयंती महोत्सव सोमवार 26 जनवरी से प्रारंभ होगा, रविवार 1 फरवरी को विशाल महा भंडारे के साथ महोत्सव का समापन होगा। तत्संबधी जानकारी साझा करने मंदिर प्रांगण में आहूत पत्रवार्ता में श्री बालाजी टेंपल कमिटी दि बस्तर डिस्ट्रिक्ट आंध्र एसोसिएशन ट्रस्ट के पदाधिकारियों एवं ट्रस्टियों ने बताया कि सन 1995 में बस्तर जिला आंध्र समाज द्वारा लिए गए निर्णय के तहत सभी के सहयोग से बनाए गए बालाजी मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा 2001 में संपन्न हुई थी। इस वर्ष मंदिर का रजत जयंती वार्षिक महोत्सव मनाया जा रहा है। कई मामलों में यह रजत जयंती महोत्सव विशेष होगा, इसे ध्यान में रखते हुए मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के दौरान पूजा विधान संपन्न करवाने वाले देश के विख्यात पुरोहित रेजेटी श्रीरामाचार्यलु से ही इस वर्ष के सभी पूजा अनुष्ठान करवाए जा रहे हैं। ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने बताया कि 26 जनवरी को नित्य आराधना के साथ वार्षिक महोत्सव का शुभारंभ होगा, इसी दिन ललिता परिवार की संस्थापक डॉ श्रीमती अरुणा पेरी के सानिध्य में महिलाओं द्वारा श्री ललिता कोटिनाम स्तोत्र पारायण विधान संपन्न किया जाएगा। ज्ञात हो कि पूरे विश्व में यह नौवां अवसर होगा और यह सौभाग्य की बात है कि यह विशेष पूजा जगदलपुर में संपन्न होने जा रहा है। वार्षिक महोत्सव के दूसरे दिन 27 जनवरी को दोपहर 2:00 बजे से शहर में भगवान बालाजी की भव्य शोभायात्रा निकल जाएगी। पदाधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष शोभायात्रा में विशेष रूप से आंध्र प्रदेश और तेलंगाना से बुलाए गए अलग-अलग डांडिया दल सहित भगवान विष्णु के दशावतार एवं माता अष्ट लक्ष्मी का वेशभूषा धारण कर शोभायात्रा में शामिल होने विशाखापटनम से आ रहे कलाकार आकर्षण का केंद्र रहेंगे। इसके अलावा विभिन्न भजन मंडलियाँ, कथक नर्तक सहित बस्तर के सांस्कृतिक नर्तक दल भी शोभायात्रा में शामिल रहेंगे। 28 जनवरी बुधवार को प्रातः कालीन पूजा के पश्चात शाम में प्रवचन और सम्मान कार्यक्रम रखा गया है। 29 जनवरी गुरुवार को दो महत्वपूर्ण पूजा विधान संपन्न होंगे जिसके तहत प्रातः कालीन सत्र में अभिषेकम होगा। इस विधान में बालाजी मंदिर में स्थापित सभी देव प्रतिमाओं का विद्वान पंडितों के सानिध्य में भक्तों द्वारा अभिषेक किया जाएगा। पहली बार भगवान बालाजी का स्वर्ण कलश से अभिषेक किया जाएगा। इसी दिन संध्याकालीन सत्र में श्रीनिवास कल्याणम होगा इस विधान में सप्तगिरि मद्दी एवं के. आदिनारायण राव परिवार क्रमशः वर और वधू पक्ष की भूमिका में रहेंगे। 30 जनवरी को कुमकुम पूजा और 31 जनवरी को श्री सत्यनारायण कथा विधान संपन्न होगा। महोत्सव के आखिरी दिन 1 फरवरी रविवार को प्रातः 11:00 बजे भगवान बालाजी की महा आरती के पश्चात महा भंडारा होगा। महाभंडारा में भक्तों को प्रसाद वितरित किया जाएगा इसी दिन रात को पूर्णाहुति और ध्वजारोहण के साथ रजत जयंती महोत्सव का समापन होगा। यह जानकारी पत्रवार्ता के दौरान मौजूद टी कुंडल राव, बी वासुदेवराव, बी वेंकट राव, भानोजी राव, बी जयराम, एम रवि भूषण राव, सप्तगिरि मद्दी, के आदिनारायण राव, श्रीनिवास राव, सुब्बाराव आदि उपस्थित रहे।
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बस्तर ज़िला आंध्र समाज के अध्यक्ष एम जयंत नायडू ने बालाजी मंदिर के रजत जयंती उत्सव में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित रहने का आव्हान भक्तों से किया है। उन्होंने बताया कि हर साल वार्षिकोत्सव में बस्तर सहित पड़ोसी राज्यों से भी भक्तगण शामिल होते हैं। रजत जयंती वार्षिकोत्सव में भी बड़ी संख्या में भक्त पहुँचेंगे। समाज के लोग भी अपने रिश्ते- नातेदारों को इस विशेष मौक़े पर आमंत्रित कर रहें हैं।


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